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कै़ल्सियम ओरोटेट

कै़ल्सियम और आपका स्वास्थ्य

कै़ल्सियम आपके शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है, जो आपके स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओँ मेँ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मानव शरीर मेँ १ प्रतिशत से अधिक मात्रा मेँ कै़ल्सियम होता है।

कै़ल्सियम सिर्फ हड्डियोँ और दाँतोँ की मजबूती के लिए ही नहीँ, बल्कि माँसपेशियोँ के कार्योँ, तंत्रिकाओँ मेँ से संदेशों के प्रवाह (तंत्रिका संप्रेषण), और रक्त स्राव को रोकने की गतिविधी (रक्त स्कन्दन) के लिए भी आवश्यक है। आपका शरीर इन महत्वपूर्ण कार्योँ के लिए कै़ल्सियम की स्थिर आपूर्ति पर निर्भर रहता है।

आहार मेँ कम कै़ल्सियम के दुष्परिणाम

कै़ल्सियम की कमी वाले आहार से कई स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैँ। कमजोर हड्डियाँ, माँसपेशियोँ की ऐँठन, और दाँतोँ की समस्याएँ सामान्य परिणाम होते हैँ। इसके अलावा, कै़ल्सियम की कमी निम्नलिखित गतिविधियोँ को प्रभावित कर सकती है।

  • तंत्रिकाओँ मेँ से संदेशों के प्रवाह,
  • हृदय तथा रक्तवाहिकाओँ के स्वास्थ्य, और
  • रक्त स्राव को रोकने की प्रक्रिया)।

कै़ल्सियम की कमी के आहार सम्बन्धी कारक

कई प्रकार के आहार व भोजन विधियाँ अनजाने मेँ कम कै़ल्सियम का कारण बन जाती है। दूध-मुक्त आहार (वेगन), कुछ वजन घटाने की आहार विधियाँ, और अत्यधिक संसाधित (मशीनोँ से विकृत) आहार इसके उदाहरण हैँ।

रक्त मेँ कै़ल्सियम की कमी की कारक स्वास्थ्य समस्याएँ

हाइपोपैराथायरॉइडिज़म, विटामिन डी की कमी, किडनी रोग, और मालअब्सॉर्प्शन (पाचन मेँ गड़बड़ी) जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ रक्त मेँ कै़ल्सियम स्तर का कम होने (हाइपोकैल्सेमिया) का कारण बन सकती हैँ। मालअब्सॉर्प्शन या कुअवशोषण एक ऐसा रोग है जिसमेँ रोगी की छोटी आँत विटामिन, खनिजोँ व अन्य पोषक-तत्वोँ को खुन मेँ नहीँ सोख (अवशोषण-कर) पाती है। पैराथायरॉइड ग्रंथियोँ को शल्य-क्रियाओँ द्वारा हटाना, मैग्नीशियम की कमी, कुछेक दवाएँ, और अल्कलोसिस (बायकार्बोनेट की अधिकता या अम्लोँ की कमी) कै़ल्सियम की कमी के अतिरिक्त कारक हो सकते हैँ।

हाइपोकैल्सेमिया के लक्षण

हाइपो का मतलब 'कम' या 'कमी'। हाइपोकैल्सेमिया का मतलब है रक्त मेँ कै़ल्सियम की कम मात्रा।

रक्त मेँ कै़ल्सियम की कमी के लक्षणोँ मेँ माँसपेशियोँ मेँ दर्द, कम्पन (twitching), सुन्नपन (numbness), झुनझुनी1 (tingling sensation), और, गम्भीर मामलोँ मेँ, मिर्गी के दौरे भी पड़ सकते हैँ। यदि आपको इन लक्षणोँ का सामना करना पड़ता है, तो तुरन्त चिकित्सकीय सहायता लें।

हाइपरकैल्सीमिया के लक्षण

हाइपर का मतलब 'अधिकता'। हाइपरकैल्सीमिया का अर्थ होता है रक्त मेँ कै़ल्सियम का अधिक स्तर।

रक्त मेँ कै़ल्सियम की अधिकता के कुछ लक्षण:

  • बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना।
  • बहुत थका हुआ और कमजोर महसूस होना।
  • पेट से संबंधित समस्याएँ जैसे कि उलटी, पेट दर्द, या मल त्याग मेँ तकलीफ होना।
  • गुर्दे की पथरी होने से आपकी पीठ की ओर पसलियोँ के नीचे और आजू बाजू के भाग मेँ तेज दर्द हो सकता है। पेशाब मेँ खून आ सकता है, या संक्रमण हो सकता है।
  • हड्डियोँ और मांसपेशियोँ मेँ दर्द हो सकता है, ये कमजोर महसूस हो सकती है, या टूट सकती है।
  • भ्रमित होना, चीजोँ को याद रखने मेँ या ध्यान केंद्रित करने मेँ कठिनाई होना।
  • दिल अनजाने तरह से धड़क सकता है, जिससे सीने मेँ दर्द हो सकता है। आपको लगता है कि आपका दिल तेजी से धड़क रहा है।

ध्यान रखेँ, हाइपरकैल्सीमिया गंभीर समस्या हो सकती है, इसलिए यदि आपको इन लक्षणोँ मेँ से कोई भी दिखाई दे, तो डॉक्टर से मिलेँ।

हाइपरकैल्सीमिया वाले व्यक्तियोँ को कै़ल्सियम सप्लीमेंट से बचना चाहिए, क्योँकि अतिरिक्त कै़ल्सियम स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

⚠️ चेतावनी: किन्हेँ कै़ल्सियम सप्लीमेंट से बचना चाहिए?

यदि आपको पाचन तंत्र की समस्याएँ, पथरी या रक्त वाहिकाओँ मेँ कैल्सिफिकेशन की संभावना है, तो सामान्य कै़ल्सियम कार्बोनेट ही नहीँ अपितु अन्य उच्च गुणवत्ता वाले सप्लीमेंट्स भी आपके लिए हानिकारक हो सकते हैँ।

रक्त मेँ कै़ल्सियम की अधिकता होने से यह शरीर मेँ गलत जगहोँ मेँ जमा (deposit) हो सकता है, जिससे:

  • धमनियोँ का लचीलापन कम हो सकता है,
  • हृदय संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैँ,
  • जिन्हेँ पहले कभी पथरी हुई हो, उनमेँ फिर से पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।
  • और पेट की समस्याएँ और भी गंभीर हो सकती हैँ, विशेषकर अगर पहले से leaky gut (पाचनतंत्र की परत मेँ सूक्ष्म छिद्र हो जाना, जिससे अवांछित तत्व रक्त मेँ पहुँचते हैँ) या पाचनतंत्र की सूजन जैसी कोई स्थिति हो।

विशेषतः यह खतरे तब अधिक हो सकते हैँ जब कै़ल्सियम सप्लिमेंट के रूप मेँ कै़ल्सियम कार्बोनेट का अधिक या लम्बे समय तक सेवन किया जाए, क्योंकि इसकी जैव-उपलब्धता कम होती है और यह पेट में अधिक अवशोषित नहीं हो पाता।

इसलिए ऐसे मामलोँ मेँ डॉक्टर की सलाह के बिना कै़ल्सियम सप्लीमेंट्स न लेँ। वैकल्पिक रूप से शरीर द्वारा सहजता से अवशोषित होने वाले रूप, जैसे कि कै़ल्सियम सिट्रेट या ओरोटेट, सुरक्षित हो सकते हैँ — परंतु उन्हेँ भी केवल समुचित चिकित्सीय परामर्श के बाद ही लेँ।

कुछ दवाइयाँ कै़ल्सियम सप्लीमेंट के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैँ, जैसे कुछ एंटीबायोटिक्स, डायुरेटिक्स, और ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज करने के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ दवाइयाँ। किसी भी नई सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले स्वास्थ्य प्रदाता से परामर्श करेँ, खासकर अगर आप अन्य दवाइयाँ ले रहे होँ तो।

किन्हेँ कै़ल्सियम सप्लीमेंट का सेवन करने मेँ सावधानी बरतना चाहिए?

  • हाइपरपैराथायराइडिज़्म, सार्कोइडोसिस, कुछ कैंसर, या किडनी समस्याओँ से जुझ रहे लोगोँ को कै़ल्सियम सप्लीमेंट लेने से पहले अपने स्वास्थ्य प्रदाता से परामर्श करना चाहिए।
  • कुछ पाचन तंत्र सम्बंधित स्थितियाँ, जैसे कि सूजनजन्य आँत रोग (inflammatory bowel disease), कै़ल्सियम का पर्याप्त शोषण बाधित कर देती हैँ। ऐसे मामलोँ मेँ, कै़ल्सियम सप्लीमेंट लेने से पहले सही मात्रा और प्रकार के निर्धारण के लिए अपने स्वास्थ्य प्रदाता से परामर्श करना चाहिए।

कै़ल्सियम सप्लीमेंटेशन का विचार कर रहे किसी भी व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य प्रदाता के साथ चर्चा करनी चाहिए ताकि उसकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य आवश्यकताओँ और परिस्थितियोँ के लिए यह उपयुक्त है या नहीँ यह निर्धारित किया जा सके।

किन्हेँ कै़ल्सियम सप्लीमेंट के लिए पूछना चाहिए?

कई लोग कै़ल्सियम सप्लीमेंट को सुरक्षित रूप से ले सकते हैँ, विशेष रूप से वे लोग जो केवल आहार के माध्यम से अपनी कै़ल्सियम की आवश्यकताओँ को पूरा न कर पा रहेँ होँ या जिनकी स्वास्थ्य संबंधित स्थितियाँ कै़ल्सियम की कमी का कारण बन सकती हैँ।

निम्नलिखित कुछ लोगोँ को कै़ल्सियम सप्लीमेंट का लाभ हो सकता है:

  • जो महिलाएँ मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) से गुज़र चुकी हैँ, उनमेँ हड्डियोँ के क्षरण और ऑस्टियोपोरोसिस (छिद्रयुक्त हड्डियाँ) की आशंका रहती है। ऐसी [रजोनिवृत्त] महिलाएँ हड्डियोँ के घनत्व को बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने के लिए कै़ल्सियम सप्लीमेंट का लाभ उठा सकती हैँ।
  • बुजुर्ग व्यक्तियोँ को अक्सर अपने आहार से कै़ल्सियम को अवशोषित करने मेँ कठिनाई हो सकती है या उनके आहार मेँ पर्याप्त मात्रा मेँ कै़ल्सियम न होता हो, जिससे उन्हेँ ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियोँ की टूट फूट का खतरा हो सकता है। कै़ल्सियम सप्लीमेंट इस जनसंख्या मेँ हड्डियोँ के स्वास्थ्य को बनाए रखने मेँ मदद कर सकता है।
  • कै़ल्सियम सप्लीमेंट उन व्यक्तियोँ के लिए एक वैकल्पिक कै़ल्सियम का स्त्रोत हो सकता है जो दूध व दूध से बने उत्पादोँ का सेवन नहीँ कर सकते।
  • कुछ समस्याएँ, जैसे कि ऑस्टियोपोरोसिस, हाइपोपैराथायराइडिज़्म, और अवशोषण सिंड्रोम, कै़ल्सियम की कमी का कारण बन सकती हैँ और इन समस्याओँ से जुझ रहे लोगोँ को डॉक्टर के मार्गदर्शन मेँ सप्लीमेंटेशन की आवश्यकता हो सकती है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओँ को अधिक कै़ल्सियम की आवश्यकता होती है जो भ्रूण और शिशु के विकास मेँ सहायक होता है। इन अवधियोँ के दौरान पर्याप्त कै़ल्सियम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कै़ल्सियम सप्लीमेंट लिया जा सकता है।

कै़ल्सियम सप्लीमेंट शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है या आप ऐसी दवाएँ ले रहे हैँ जो कै़ल्सियम के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैँ। इसके अलावा, कै़ल्सियम सप्लीमेंट को हड्डियोँ के स्वास्थ्य का एक समूचित उपाय के रूप मेँ उपयोग किया जाना चाहिए, जिसमेँ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और जीवनशैली मेँ आवश्यक बदलाव शामिल होँ।

कै़ल्सियम ऑरोटेट के रूप मेँ एक पूरक

कुछ विशेषज्ञ मानते हैँ कि कै़ल्सियम ऑरोटेट अपनी आणविक सँरचना के कारण, कै़ल्सियम का एक ऐसा रूप है जिसकी जैव-उपलब्धता अधिक होती है (अर्थात् यह शरीर द्वारा अधिक मात्रा में अवशोषित किया जा सकता है)। ऐसे उच्च जैव-उपलब्धता वाले तत्व वे होते हैँ जिन्हेँ आँतोँ द्वारा सहजता से रक्त मेँ सोखा (अवशोषित) जा सकता है। कै़ल्सियम ऑरोटेट मेँ ओरोटिक एसिड होता है। कै़ल्सियम की कमी को दूर करने के लिए कै़ल्सियम ओरोटेट एक प्रभावी पूरक माना जाता है। हालांकि, व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएँ विभिन्न कै़ल्सियम रूपोँ/प्रकारोँ के प्रति अलग हो सकती हैँ।

निष्कर्ष

एक संतुलित आहार के माध्यम से कै़ल्सियम की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना और, यदि आवश्यक हो तो पूरक का उपयोग (अनुपूरण) करना समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। यदि आपको अपने कै़ल्सियम के स्तर के बारे मेँ शंका है तो एक स्वास्थ्य सलाहकार से उचित प्रबंधन के लिए परामर्श करेँ।



पोषक-तत्व और व्यायाम केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीँ, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक हैँ। हमारे हृदय/देह के लिए जो अच्छा है, वह हमारे मस्तिष्क के लिए भी अच्छा है!

झुनझुनी (tingling), सुन्नपन (numbness) और बोझिल या थका-सा भारीपन (dull heaviness) को मराठी भाषी रोगी अक्सर 'मोँदरा' कहकर व्यक्त करते हैं!


🔖 संदर्भ (Endnotes):

  1. नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ – उपभोक्ता मार्गदर्शिका – कैल्शियम सप्लीमेंट से जुड़ी सावधानियाँ:
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Calcium-Consumer/
  2. हावर्ड यूनिवर्सिटी, न्यूट्रिशन सोर्स – कैल्शियम के स्रोत और संतुलन:
    https://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/calcium/
  3. नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ – कैल्शियम पर विस्तृत जानकारी:
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Calcium-HealthProfessional/

First draft of this document was uploaded On: 1 Jan 2024.


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Updated: July 25

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